Saturday 27 September 2014

गांधी की गंदी राजनीती व जवाहर लाल नेहरू के जहर से देश ६८ साल के सत्ता परिवर्तन के शासन में कंगाल हो गया है..., आज सभी पार्टीयाँ विदेशों में विदेशी हाथ माँगने जा रहें हैं...

जरूर पढ़े,७ भागों में, २ अक्टूबर तक पूरा , 
भाग-१ , गांधी की गंदी राजनीती व जवाहर लाल नेहरू के जहर से देश ६८ साल के सत्ता परिवर्तन के शासन में कंगाल हो गया है..., आज सभी पार्टीयाँ विदेशों में विदेशी हाथ माँगने जा रहें हैं...
इस ७२ पेज के चित्र के आलेख को जरूर पढ़े ...,
गांधी और कांग्रेस की २०० भयंकर भूलें ..., जो कि सत्ता परिवर्तन के बाद गांधी अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए बार-बार कहा करते थे कि "अब कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए....

याद रहे, नाथूराम गोड़से ने स्वंय अपना मुकदमा लड़ते हुए , गांधी की ह्त्या करने के १५० कारण गिनाये थे...,तब अदालत में बैठे दर्शकों की आँखे, आंसू लबालब भरकर, जमीन में गिरकर नाथूराम गोड़से को सलाम कर रही थी ...

न्यायाधीश ने अपने सेवा निर्वत्ती के बाद कहा था , यदि मुझे न्याय के लिए स्वतंत्र विचार दिया जाता तो मैं नाथूराम गोड़से को निर्दोषी मानता , मैं भी कानून का गुलाम था इसलिए मुझे नाथूराम गोड़से व उसके अन्य साथियों को मृत्यु दंड सुनाना पड़ा 
नाथूराम गोड़से व उनकी साथी भारतमाता की गोद में सोने के लिए इतने आतुर थे कि उन्होंने उच्च न्यायालय में अपनी सजा को चुनौती नहीं दी और न ही क्षमा याचना की अपील राष्ट्रपति से की ...
दोस्तों अब गांधी जयंती के आयोजन में झूठे दिखावे के आचरण से, देश को, सरकारी अवकाश व विज्ञापनों व अन्य खर्चों से १० हजार करोड़ का चूना लगाने वाला है...
क्या यह बेहतर नही होता, २ अक्टूबर को फ़कीर प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, जिन्होंने नेहरू के शासन काल की गन्दगी साफ़ कर, सिर्फ १९ महीने के शासन काल में,जय जवान, जय किसान के नारे को सार्थक कर, पाकिस्तान से युद्ध जीतकर , देश के जवानों व किसानों मे स्फूर्ती डालकर ...
एक गरीब लाल प्रधानमंत्री का शव रूस से जहरीले नीले रंग से आया तो देश के चटखोरे सत्ताधारियो के मुंह में लाली थी और देश की तकदीर व लकीर मिटाकर आज देश विदेशी कटोरे के धन के बावजूद , आज देश कर्ज के गर्त में चला गया है..
यदि २ अक्टूबर व आने वाले सालों में हम यह दिवस लाल बहादुर शास्त्री, की जयन्ती के रूप में मनाएं तो देश के युवकों में लाल बहादुर शास्त्री के कार्यों से प्रेरित होकर, राष्ट्रवाद के खून का संचार से, हम जल्द ही विश्व गुरू व सर्वोपरि हो जायेंगे..., दोस्तों आप अपनी राय दें..
कैलाश तिवारी .-सितम्बर २०१२ से आज तक के १५० से अधिक स्वयंनिर्मीत कार्टून व पोस्ट के लिए कृपया वेबसाईट की यात्रा करें, google search पर meradeshdoooba लिखें... email द्वारा नई प्रवष्ठी की नई सूचना के प्राप्त करें,- भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी



 परोपकाराय फलन्ति वृक्षा: परोपकाराय वहन्ति नद्यः।
 परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकाराय इदं शरीरम्।।
            
 
 
                                          ( hari krishnamurthy K. HARIHARAN)"
'' When people hurt you Over and Over think of them as Sand paper.
They Scratch & hurt you, but in the end you are polished and they are finished. ''
யாம் பெற்ற இன்பம் 
பெருக  வையகம் 
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