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Monday, 21 May 2012

"अगर रख सको तो निशानी, खोदो तो सिर्फ एक कहानी हूँ



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अगर रख सको तो एक निशानीहूँ मैं,
खो दो तो सिर्फ एक कहानीहूँ मैं,
रोक पाए न जिसको ये सारीदुनिया,
वोह एक बूँद आँख का पानीहूँ मैं...
सबको प्यार देने की आदतहै हमें,
अपनी अलग पहचान बनाने कीआदत है हमे,
कितना भी गहरा जख्म देकोई,
उतना ही ज्यादामुस्कराने की आदत हैहमें..
इस अजनबी दुनिया मेंअकेला ख्वाब हूँ मैं,

सवालो से खफा छोटा साजवाब हूँ मैं,
जो समझ न सके मुझे, उनकेलिए "कौन"
जो समझ गए उनके लिए खुलीकिताब हूँ मैं,
आँख से देखोगे तो खुशपाओगे,
दिल से पूछोगे तो दर्द कासैलाब हूँ मैं...
"अगर रख सको तो निशानी, खोदो तो सिर्फ एक कहानी हूँ
 






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